वायुमंडल
ग्रहों को घेरे हुए गैसीय आवरण को वायुमंडल कहते है। प्लूटो पर बेहद विरल वायुमंडल है | वायुमंडल मुख्य रूप से नाइट्रोजन से तथा शेष मीथेन व कार्बनडाई ऑक्साईड से मिलकर बना है | नाइट्रोजन के गैसीय रूप को स्पेक्ट्रोस्कोपी से पहचानना बहुत मुश्किल होने से प्लूटो के बनावट की कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है | वैज्ञानिकों को लगता है कि नाइट्रोजन वायुमंडल का मुख्य घटक है | सूर्य से दूरी वायुमंडल को प्रभावित करती है, दूरी बदलते ही मौसम बदल जाता है | प्लूटो एक बर्फीला पिंड है | सूर्य के करीब आने पर बर्फ के वाष्पीकरण से वातावरण गैसीय हो जाता है । इसके विपरीत दूर जाने पर वातावरण जम जाता है और जमी वायु धरातल पर हिमपात के रूप में बरसती है | तत्पश्चात प्लूटो पर कोई वायुमंडल नहीं रह जाता है | 1989 में प्लूटो सूर्य से सर्वाधिक करीब था । तब अधिकांश सतह के तपन से वातावरण अपने चरम पर पहुँच गया था | वैज्ञानिकों का अनुमान है कि प्लूटो का तापमान 2015 तक इसके दक्षिणी गोलार्ध में निरंतर बढ़ता रहेगा |
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| प्लूटो पर वातावरण की कलात्मक छवि |

